Thursday, 22 September 2016

लघु चिन्तन

आज का लघु चिन्तन
धरती पर ये प्राणी  हमें कुछ सिखाते हैं:---

१, हमारी सुबह और शाम कैसी हो, बरगद के झुरमुट में चहचहाते पंछियों से सीखें।
२, उल्लू को हम चाहे जितना कोसें, वह अन्धकार में भी जीवन ढूँढ लेता है।
३, चमगादड़ भले ही उल्टी लटकती रहती है पर वह कमाल का राडार है।
४, कोई सामूहिकता, चक्रव्यूहात्मक आक्रमण और सशक्त टीम वर्क सीखना चाहे तो जंगली कुत्तों से सीखे।
५, गाय की जुगाली से एकाग्रता और चिन्तन
सीखें।
६, मोर और लार्क से आनन्द को उत्सव बनाना सीखें।
७, शेर से ''स्वयमेव  मृगेन्द्रता'' सीखें।
८, कोयल सा वाणी का माधुर्य और भला कहाँ।
९, बकरी से सीखें काँटों के बीच से भी अपना भोजन चुन लेना।
१०, मधुमक्खी से सीखें कड़वे-मीठे फूलों से मधुर-मधु बनाना।
११, गिद्ध से सीखें दूरदृष्टि और पैनी दृष्टि रखना।
१२, चकोर से सीखें लक्ष्य साधना और धारणा में स्थित होना।
१३, कंगारू से सीखें अपनी सन्तान को संग और सुरक्षित रखना।
१४, तोते से सीखें शुभवाक्यों को कंठस्थ करना

आदमी समय को रोकने के लिये घण्टाघर की सुई पर लटक भी जाए तो न तो वक्त रुकेगा न वक्त की बरबादी।

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